श्रीनारद उवाच –
ध्यात्वा गणपतिं राजा धर्मराजो युधिष्ठिरः ।
धीरः शनैश्चरस्येमं चकार स्तवमुत्तमम् ॥
॥ मूलपाठः ॥
॥ विनियोगः ॥
ॐ अस्य श्रीशनिस्तवराजस्य सिन्धुद्वीप ऋषिः । गायत्री छन्दः । श्रीशनैश्चर देवता । श्रीशनैश्चरप्रीत्यर्थे पाठे विनियोगः ॥
॥ ऋष्यादिन्यासः ॥
शिरसि सिन्धुद्वीपर्षये नमः । मुखे गायत्रीछन्दसे नमः । हृदि श्रीशनैश्चरदेवतायै नमः । सर्वाङ्गे श्रीशनैश्चरप्रीत्यर्थे विनियोगाय नमः ॥
॥ स्तवः ॥
शिरो मे भास्करिः पातु भालं छायासुतोऽवतु ।
कोटराक्षो दृशौ पातु शिखिकण्ठनिभः श्रुती ॥
घ्राणं मे भीषणः पातु मुखं बलिमुखोऽवतु ।
स्कन्धौ संवर्तकः पातु भुजो मे भयदोऽवतु ॥
सौरिर्मे हृदयं पातु नाभिं शनैश्चरोऽवतु ।
ग्रहराजः कटिं पातु सर्वतो रविनन्दनः ॥
पादौ मन्दगतिः पातु कृष्णः पात्वखिलं वपुः ॥
॥ फलश्रुतिः ॥
रक्षामेतां पठेन्नित्यं सौरेर्नामाबलैर्युतम् ।
सुखी पुत्री चिरायुश्च स भवेन्नात्र संशयः ॥ ॥
इति श्रीशनिरक्षास्तवः ॥
शनिवार के दिन इन कामों को भूलकर भी नहीं करें-
– शनिवार के दिन चांदी के आभूषण खरीदकर किसी को भूलकर भी उपहार के रूप में नहीं दें। इससे व्यक्ति कर्जदार बनता।
– शनिवार के दिन सफेद मोती खरीदकर भेट करने से यंत्रों से होने वाली दुर्घटना के योग बनने लगते हैं।- शनिवार के दिन तांबे के बर्तनों का दान करने से व्यक्ति के व्यापार में घाटा होने लगता है।
– शनिवार के दिन चांदी, लोहे या फिर स्टील से बनी कैंची खरीदकर उपहार करने से रिश्तों में तनाव आने लगता है ।
– शनिवार के दिन लाल रंग के कपड़े खरीदकर किसी को उपहार देने पर व्यक्ति की सामाजिक छवि खराब होने लगती है ।

