भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के दिग्गज नेता स्वतंत्र भारत के पहले गृहमंत्री और भारत के एकीकरण के प्रमुख सूत्रधार सरदार बल्लभ भाई पटेल की मध्य प्रदेश के उज्जैन में इस तरह हुई पिटाई और अपमान किया गया मानो उन्होंने बहुत बड़ा पाप किया था. यह भाजपा शासित प्रदेश है. भाजपा मूर्ति की राजनीति करती है, यह किस प्रकार की राजनीति है यह कहना कठिन है. लौह पुरुष सरदार पटेल जी का ऐसा अपमान आज तक नहीं किया गया. ध्यान से देखने पर सरदार पटेल की मूर्ति के पीछे राम की मूर्ति है जिसे स्पष्ट होता है कि यह हमला हिंदुत्व के समर्थकों का हमला था
गौरतलब है भाजपा के पास कोई ऐसा नेता नहीं था जिस पर गर्व कर सके, ऐसे में नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल को कांग्रेस से चुराने की मुहीम चलाई और एक बड़ी मूर्ति गुजरात में स्थापित करवाई जहाँ पटेल प्रभावशाली हैं और संख्या भी ज्यादा है. अब जातीय राजनीति का नया रुख लेते हुए सरदार पटेल की विरासत कांग्रेस से छीनने की कोशिश करने वाली भाजपा सरकार स्वयं ही लौह पुरुष का अपमान करवा रही है.

