ज्योतिष शास्त्र में मंगल सेनापति माना गया है, यह एक अत्यंत शक्तिशाली ग्रह माना गया है. मंगल ग्रह भूमि, शक्ति, साहस, पराक्रम और शौर्य का प्रमुख कारक ग्रह है. मंगल जब एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है तो इसका प्रभाव सभी राशियों पर होता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, मंगल ग्रह का गोचर 1 जून 2024 को 15:27 बजे मेष राशि में होगा. मेष राशि मंगल की मूलत्रिकोण राशि है, यहाँ 12 अंश तक मूलत्रिकोण का मंगल होता है और शेष अंशों में स्वगृही होता है. यहाँ मूल’त्रिकोण अंशों में मंगल बहुत शक्तिशाली माना जाता है और उच्च का ही फल देता है. मंगल 12 जुलाई तक मेष राशि में उपस्थित रहेगा. जब मंगल स्वराशि मेष, वृश्चिक या अपनी उच्च राशि मकर में होकर केंद्र में हो तो रुचक योग भी बनता है. रुचक योग के शुभ प्रभाव में जातक बलशाली, पराक्रमी, साहसी, प्रबल मानसिक क्षमता वाला, तीव्र निर्णय लेने वाला और साहसी होता है. रुचक योग से जातक को कर्म क्षेत्र में अपार सफलता मिलती है और शासन-सत्ता पक्ष का भी भरपूर सहयोग मिलता है.
प्रथम भाव में बनने वाला रुचक योग जातक स्वतंत्र विचार और निर्णय लेने वाला व्यक्ति बनाता है. ये जातक सुगठित, साहसी, थोड़े क्रोधी, अपार ऊर्जा से युक्त, व्यवसायी या उच्च सरकारी अधिकारी होते हैं. चतुर्थ भाव में बनने वाला रूचक योग जातक को जमीन-जायदाद, सुख-सुविधाएं प्रदान करता है. इनको माता और परिवार के सदस्यों से स्नेह मिलता. इस भाव में मंगल जातक को स्वभाव से झगड़ालू भी बनाता है. यहाँ से मंगल सप्तम भाव को पूर्ण दृष्टि से देखता है, ऐसे में वैवाहिक जीवन के लिए शुभ नहीं कहा जाता है. यदि शनि केंद्र में हो तो दोष कम हो जाता है. सातवें भाव में बनने वाला रूचक योग जातक को व्यापार करने की योग्यता देता है और इन्हें अपार शक्ति प्रदान करता है. इनको सम्मान और अधिकार प्राप्त होता है. यहाँ स्थित मंगल धन और व्यापार के मामले में विदेशो से लाभ दिलाता है यदपि कि पार्टनर से नहीं बनती है. दसवे भाव में बनने वाला रुचक योग बहुत शक्तिशाली होता है. यहाँ मंगल दिगबली होता है और यह उसका उच्च भाव है इसलिए यह जातक को शौर्य और शक्ति का मालिक बनाता है. ये जातक अपने कार्यक्षेत्र में अपार सफलता प्राप्त करते हैं. राजनीतिक क्षेत्र में यह मंगल विशेष लाभकारी सिद्ध होता है.
मंगल का यह गोचर इन तीन राशियों के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता है –
कर्क -मंगल के राशि परिवर्तन से कर्क राशि वालों को जबरदस्त लाभ होगा. इस राशि का योगकारक मंगल अपनी मूलत्रिकोण राशि में जा रहा है, ऐसे में इन जातकों को राजयोग की प्राप्ति की सम्भावना रहेगी. इन जातकों को कार्य क्षेत्र में सफलता मिलेगी , धन लाभ होगा और सुख की प्राप्ति होगी. इनके हर काम में भाग्य साथ देगा. इन जातकों के करियर में सफलता मिलेगी और पदोन्नति की सम्भावना रहेगी. राजनीतिक क्षेत्रों में कार्यरत जातकों के लिए मंगल उत्थान करने वाला सिद्ध होगा. जिसका इन्तेजार लम्बे समय से था वह आवश्य प्राप्त होगा. कर्क राशि के जातकों के लिए मंगल का यह गोचर हर लिहाज से लाभकारी सिद्ध होगा.
सिंह राशि : मंगल का यह राशि परिवर्तन सिंह राशि वालों के लिए भी भाग्योदय कराने वाला होगा. इन जातकों को राजनीतिक लाभ प्राप्त होगा और व्यापार से धन लाभ भी होगा. इन जातकों को लम्बी यात्राओं का योग बनेगा. इनका भाग्य साथ देगा. इन जातकों को सन्तान की प्राप्ति का भी योग रहेगा. मंगल का यह गोचर इन जातकों के लिए बेहद लाभकारी होने वाला है. राजनीतिक क्षेत्रों में कार्य करने वाले जातकों के लिए मंगल नये अवसर प्रदान करेगा और उन्हें पद की प्राप्ति कराएगा. धर्म-कर्म में भी रूचि बढ़ेगी और तीर्थ यात्रा का योग बनेगा.
धनु राशि : मंगल गोचर का शुभ प्रभाव धनु राशि वालों के लिए भी शुभ होगा. इन जातकों के कर्म क्षेत्र में सफलता के योग बन रहे हैं. उनके करियर में उन्नति के सुनहरे अवसर मिलेंगे और आय के नए स्रोतों से धन लाभ भी होगा. नौकरी कर रहे जातकों के लिए जॉब परिवर्तन का भी योग है लेकिन यह परिवर्तन सकारत्मक होगा और भाग्य खोलने वाला होगा. विदेश में पढ़ाई करने की इच्छुक विद्यार्थियों को शुभ समाचार मिल सकते हैं और उन्हें विदेश यात्रा का योग बन सकता है. इन्हें सन्तान प्राप्ति के योग भी हैं.

