कानपुर में गंगा बैराज में एक मगरमच्छ का लंबे समय से उत्पात चला आ रहा था. स्नान करने आने वाले लोगो पर हमला करता था. एक फरवरी को यह मगरमच्छ एक कुत्ते के पीछे पड़ा, यह नज़ारा यहाँ घूम रहे कुछ किशोरों ने देखा तो उसे पकड़ लिया और नायलान की रस्सी से उसका मुँह व हाथ पैर बाँध घर ले आये. मगरमच्छ को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी. कुछ लोगों ने सेल्फी ली तो कुछ ने मगरगच्छ को टीका लगाकर पूजा शुरू कर दिया. महिलाएं आरती की थाली लेकर पहुंच गईं और पूजा अर्चना शुरू हो गई.
महिलाये मगरमच्छ को लक्ष्मी जी की सवारी बता रही हैं. इस आदमखोर मगरमच्छ की फिलहाल पूजा अर्चना जारी रही अंत में वन विभाग के अधिकारियों को इस घटना की बेखबर मिली तो उन्हें सपुर्द कर दिया गया. मगरमच्छ को बैराज के दूसरी तरफ पानी में छोड़ दिया गया है. गौरलतब है कि कई दिन से वन विभाग की टीम ने इस मगरमच्छ को पकड़ने के लिए बैराज़ पर जाल भी डाला हुआ था मगर शातिर मगरमच्छ जाल से दूर भागता रहा.

