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जन्म कुंडली में ग्रहण योग उस स्थिति में बनता है जब कुंडली के द्वादश भावों में से किसी भाव में सूर्य अथवा चन्द्रमा के साथ राहु व केतु में से कोई एक साथ बैठा हो. सूर्य या चन्द्रमा के घर में भी राहु केतु में से कोई मौजूद हो तब भी उसे ग्रहण योग कहते हैं. यह दो स्थितियों में सम्भव है पूर्णिमा और अमावस्या के करीब पड़ने वाले सूर्य और चन्द्रग्रहण के आसपास. यदि पूर्णिमा या अमावस्या उस राशि में लग जाये जिसमे राहु-केतु हों या यदि कुंडली में इनमें से किसी प्रकार की स्थिति बन रही है तो इसे ग्रहण योग कहेंगे. सूर्य-चन्द्र दोनों से बना ग्रहण योग ज्यादा खराब माना गया है क्योंकि यह अमावस्या में होता है. इन जातकों के साथ निम्नलिखित चार तरह की बातें घटित हो सकती है –

1-सूर्य और चंद्र ग्रहण दोष के कारण व्यक्तिगत सफलता, शोहरत और नाम का खराब होना, समाजिक असम्मान और जेल की प्राप्ति होती है. इस दोष से जातक को जीवन के समग्र विकास में बाधाओं का सामना करना पड़ता है.

2-जातक पर हर प्रकार से भारी समस्‍याएं आ जाती हैं और अक्सर काफी विनाशक भी होती हैं. जातक को मानसिक बीमारी का बड़ा खतरा होता है, उद्दिग्नता, मैनिया और स्‍वास्‍थ्‍य सम्‍बंधी अनेक परेशानियाँ भी आती हैं.

3-ग्रहण दोष से जातक अनेक प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं को भी झेलता है. सूर्य स्वास्थ्य कारक है, उसके दूषित होने से स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है. चंद्र दोष के बुरे प्रभावों में ये जातक अनावश्यक तनाव का सामना करते रहते हैं. इस दोष के छाती, फेफड़े, सांस लेने की समस्या और मानसिक अवसाद से संबंधित समस्याओं को झेलना पड़ता है.

4-ग्रहण दोष के जातकों की प्रवृत्ति अक्सर आत्म विनाशकारी होती है. अक्सर ये जातक आत्महत्या करने की कोशिश करते हैं जबकि अनेक जातक काफी क्रूर बन जाते हैं. इन जातकों में हत्या करने की प्रवृत्ति भी पाई जाती है. अनेक कुर नाजियों की कुंडली में ग्रहण दोष था.

5-इन जातको की प्रोपर्टी खत्म हो सकती है. राजनीतिक क्षेत्र में ये जातक फासिस्ट प्रवृत्ति, पाप कर्मा, क्रिमिनल प्रकृति के होते हैं और सत्ता दुरूपयोग करते हैं. ये जातक सरकारी पदों पर रहकर घुस bribe खूब लेते हैं. यह राजनीतिक क्षेत्र में संकट में पड़ते हैं या किसी क्षेत्र में हों संकट में आवश्य पड़ते हैं.

In Donald Trump’s chart grahan dosh is present .. almost all four things has happened to him.