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भारत में कोरोना के वायरस से बचाव के लिए नरेंद्र मोदी ने करोड़ो डोज Covishield vaccine का खरीदा था और यही भारत की जनता को लगाया गया था. इस वैक्सीन को बनाने वाली कम्पनी AstraZeneca ने कोर्ट में पहली बार कबूला है कि कि उसकी COVID वैक्सीन TTS का कारण बन सकती है. TTS अर्थात Thrombosis with Thrombocytopenia Syndrome. इससे TTS से शरीर खून के थक्के बनते हैं और ब्रेन स्ट्रोक, कार्डियक अरेस्ट की समस्या हो सकती है. एस्ट्राजेनेका ने इस वैक्सीन को यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड के साथ मिलकर तैयार किया था. वैक्सीन लेने के बाद मौत, ब्लड क्लॉटिंग और दूसरी गंभीर दिक्कतों के कारण एस्ट्राजेनेका कानूनी कार्रवाई का सामना कर रही है. कई परिवारों ने आरोप लगाया कि वैक्सीन के कारण गंभीर साइड इफेक्ट हुए हैं.

एस्ट्राजेनेका के खिलाफ पहला केस जेमी स्कॉट नाम के व्यक्ति ने लन्दन में दर्ज करवाया था. अप्रैल 2021 में एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन लेने के बाद जेमी स्थायी रूप से ब्रेन इंजरी का शिकार हो गए. वैक्सीन लेने के बाद वो काम नहीं कर पाए. जेमी को TTS (थ्रोम्बोसिस विथ थ्रोम्बोसायटोपीनिया सिन्ड्रोम) नाम का गंभीर साइड इफेक्ट हुआ. यूके हाई कोर्ट में कंपनी के खिलाफ लगभग 51 केस दर्ज हैं. पीड़ित परिवार वाले कंपनी से करीब 1000 करोड़ रुपये (100 मिलियन पाउंड) मुआवजे की मांग कर रहे हैं.

पूनावाला की Covishield वैक्सीन AstraZeneca का हिस्सा थी, जिसे Serum Institute ने भारत में बनाया था. नरेंद्र मोदी ने इसी वैक्सीन की सबसे बड़ी सरकारी खरीद की थी. इसकी पहली खरीद 15000 करोड़ से ज्यादा की थी. भारत में करीब 80 फीसदी वैक्सीन डोज कोविशील्ड की ही लगाई गई है. इसी Covishield vaccine को भारत में बनी वैक्सीन बता कर भाजपा सरकार ने कोरोना के दौर में पूरा श्रेय भी लिया था. गौरततलब है कि इलेक्टोरल बांड मामले में भी यह सामने आया है कि नरेंद्र मोदी ने अदार पूनावाला से करोड़ो रूपये का चंदा लिया था.

कम उम्र के बच्चो, युवकों, युवतियों की हार्ट अटैक से मृत्यु मेडिकल साइंस में सामान्य घटना नहीं मानी जाती है ? भारत में नवयुवक, नवयुवतियां, किशोर और बच्चे हार्ट अटैक से लगातार मर रहे हैं. प्रतिदिन ऐसे लोगो के मरने वालों की संख्या बढ़ गई है. इस वैक्सीन के अन्य साइड इफेक्ट भी हो रहे हैं, इससे स्वास्थ्य की अनेक प्रकार की समस्याएं देखने में आ रही हैं. खबरे तो गोदी मीडिया दिखाती ही नहीं, देश को अँधेरे में रखा गया है, लेकिन सोशल मीडिया पर ऐसी खबरे खूब आ रही हैं. यह Covishield vaccine का ही साइड इफेक्ट है.