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यदि आप देवी उपासक हैं तो दोनों चतुर्दशी तिथियाँ आपके लिए प्रशस्त हैं. चतुर्दशी मां काली को विशेष प्रिय है. चतुर्दशी में काली माता की पूजा से विशेष लाभ प्राप्त होता है. ऐसा शास्त्रों में कहा गया है कि चतुर्दशी तिथि में शिव सहित काली पूजा, मन्त्र जप इत्यादि करने से देवी अवश्य प्रसन्न होती हैं और साधकों की मनोकामनाएं पूरी करती हैं. चतुर्दशी तिथि में काली कवच, स्तोत्र इत्यादि का पाठ करना भी अत्यंत लाभप्रद होता है.

पंचांग- कल 24 जनवरी को पौष शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है. बुधवार का दिन पड़ने से यह तिथि और भी विशेष है. चतुर्दशी तिथि बुधवार रात 9 बजकर 50 मिनट तक रहेगी. 24 जनवरी को सुबह 7 बजकर 40 मिनट तक वैधृति योग रहेगा. साथ ही बुधवार को पूरा दिन पूरी रात पार कर गुरुवार सुबह 8 बजकर 16 मिनट तक पुनर्वसु नक्षत्र रहेगा. 24 जनवरी को रात 9 बजकर 50 मिनट से शुरू होकर गुरुवार सुबह 10 बजकर 37 मिनट तक भद्रा रहेगी. राहु-काल दिल्ली के लिए दोपहर 12:33 से दोपहर 01:52 तक है.

24 जनवरी 2024 का शुभ मुहूर्त

पौष शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि- 24 जनवरी 2024 को रात 9 बजकर 50 मिनट तक

वैधृति योग- 24 जनवरी को सुबह 7 बजकर 40 मिनट तक

पुनर्वसु नक्षत्र-  24 जनवरी को पूरा दिन पूरी रात पार कर गुरुवार सुबह 8 बजकर 16 मिनट तक

भद्रा- 24 जनवरी को रात 9 बजकर 50 मिनट से शुरू होकर 25 जनवरी सुबह 10 बजकर 37 मिनट तक